- एक जाति विशेष के साथ मारपीट करने और गाली गलौज का था आरोप
- थाना नानकसर हाल्ट में तैनात था आरोपी दारोगा रमेश कुमार, पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड
- सेना के जवान अजय पांडे और उनके परिजनों की बर्बरता के साथ पिटाई कर आया था सुर्खियों में
- जांच के बाद पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह ने किया सस्पेंड
रजनीश कुमार बाराचवर (गाजीपुर) उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिलें का थाना नगसर हाल्ट क्षेत्र के नूरपूर गांव जो पुलिस बर्बता के कारण काफी चर्चा में रहा हैं।
जहां कार्यवाही के नाम पर नगसर थानाध्यक्ष रमेश कुमार द्वारा पुर्व फौजी के परिवार को थाने में बंद कर उनकी जमकर पिटाई की गई थी।जिसकी गुंज लखनऊ तक सुनाई पड़ी थी,उस समय ये मामला मिडिया की सुर्खियां बन गया था ,जो पुरे प्रदेश मे छाया रहां ।बताते चले की कुछ दिन पुर्व नगसर थानाध्यक्ष रमेश कुमार द्वारा नूरपुर गांव के पुर्व फौजी अजय पान्डेय के परिवार को पुलिस के साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने लेकर चले आये ।पिड़ित ने आरोप लगाया था,की उनकी थाने में बंद कर बर्बर तरीकें से पिटाई किया गया था।जिसका फोटोज सोशलमीडिया पर भी वायरल हुआं था।इस पुरे घटना की जानकारी मुख्यमंत्री आफिस तक पहुंच गया था,अब इस मामले में पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने कार्यवाई करते हुए उस समय के थानाध्यक्ष रहें रमेश कुमार समेत पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया।
नूरपुर कांड का पुरा मामला,पुलिस ने लगाया था आरोप
उस समय नगसर थानाध्यक्ष रमेश कुमार ने आरोप लगाया था,की नगसर थाना क्षेत्र के नूरपुर गांव रात को एक युवक लोडेड असलहा लेकर घुम रहा हैं।जिसे पकडऩे के लिए पुलिस टीम के साथ नूरपुर गांव पहुंचा जहां आरोपी को पकड़ कर अपने वाहन.बैठा लिया ।तभी गांव के ही कुछ लोग.पुलिस के साथ मारपीट करने लगे और आरोपी भाग निकला उस दिन पुलिस पुलिस के साथ मारपीट करने के आरोप में नौ लोगों को थाने लेकर चली आई।और चलान कर जेल भेज दिया।
पीड़ित ने लगया था, पुलिस पर आरोप
जमानत पर छुट कर आये पुर्व फौजी अजय पान्डेय व उनके परिवार के लोगो ने नगसर पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा था,की उस दिन एक व्यक्ति असलहा लेकर घुम जरुर रहां था।लेकिन उस व्यक्ति से हमलोगों का कोइ लेना देना नहीं हैं।और ना ही हम लोग पुलिस के साथ मारपीट किया. है,अजय पान्डेय ने बताया था की हम लोग उस दिन तेरहवीं की तैयारी कर रहें थे ।तभी नगसर पुलिस हमारे घर में जबरजस्ती घुस कर तेरहवीं के लिए रखे सारे समान नष्ट करने के साथ ही हम लोगो को थाने लेकर चली गई, और रात भर हवालात में बंद कर बर्बरता के साथ हम लोगों की पीटाई की गई।और थानाध्यक्ष रमेश कुमार के द्वारा अपशब्द भी कहें गये ।उस समय पुलिस द्वारा अजय पान्डेय के पिटाई की फोटोज सोशलमीडिया पर जम कर वायरल हुआ था।पिड़ित द्वारा इसकी सिकायत मुख्यमंत्री आफिस मे भी किया गया था।
मंत्री व जिलाधिकारी ने किया था दौरान
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गाजीपुर जिलाधिकारी ओमप्रकाश आर्य व गाजीपुर जिले के प्रभारी मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने पिड़ित परिवार से मिलने उनके घर भी गये थे।और जांच कर आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही करने की बात भी कही थी।जिसके बाद पुलिस कप्तान ओमप्रकाश सिंह तत्काल ही कार्यवाई करते हुए नगसर थानाध्यक्ष रमेश कुमार को लाईन हाजिर भी कर दिया था।जिसके बाद जिले के सभी पार्टियों के लोग भी पीड़ित परिवार से मिले और इस घटना में जांच कर कार्यवाही करने की मांग की।
थानाध्यक्ष रमेश कुमार संग पांच पुलिस कर्मी सस्पेंड
गाजीपुर के नूरपूर कांड में पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने कार्यवाई करते हुए उस समय के थानाध्यक्ष रमेश कुमार के साथ एक सब इंस्पेक्टर कृष्णानंद यादव,कांस्टेबल सूरज बिंद,अनुज कुमार ,और विवेक यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।आप को बताते चले की इस पुरे घटना की जांच डीएम ने एसडीएम जमनिया व सीओ को सौपा था ।जिसकी जांच एसडीएम व सीओ ने शुरू कर दिया था,हांलाकि मामले की अ जांच अभी पुरी नहीं हुई है।

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