शहडोल-.....जिले के जयसिंहनगर क्षेत्र अंतर्गत संचालित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित बनसुकली,करकी एवं अमझोर में तत्कालीन लैम्पस प्रबंधक सत्यनारायण गुप्ता द्वारा संचालक मंडल को गुमराह कर अपने ही परिवार के सगे संबंधियों और सगे रिश्तेदारो की नियुक्ति अपने ही हस्ताक्षर से कर डाली है। जिसकी जाँच अधिकारी नही कर पा रहे है जबकि सहकारिता कानून में प्रावधान नही है तो आखिर ऐसा क्यो है। जानकारो की माने तो सहकारिता अधिनियम 1960 के प्रावधान अनुसार नियम विरुद्ध है। जबकि यह सर्वविदित है कि कोई भी पदाधिकारी अपने किसी पद पर रहते हुए अपने ही हस्ताक्षर से किसी भी सगे संबंधियों की नियुक्ति नहीं कर सकता, किंतु सारे नियमों उप विधियों को दरकिनार करते हुए तत्कालीन लैम्पस प्रबंधक सत्यनारायण गुप्ता द्वारा वर्ष 2009-10 में अपने ही सगे संबंधियों की नियुक्ति कर डाली है,जिसकी शिकायत भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष बीरेंद्र पाण्डेय ने उपायुक्त सहकारिता विभाग को 13 जुलाई 18 एवं 8 जनवरी 19 को शिकायत की जांच कर कार्यवाही करने का निवेदन किया था।
जांच कर्ता अधिकारी ने किया बचाव
उपायुक्त सहकारिता विभाग में परिवारवाद लैम्पस बनसुकली में की गई नियुक्ति की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को सहकारी निरीक्षक संजय सराफ को निर्देशित किया गया था। संजय सराफ जिला कार्यालय में बैठकर लगभग 10 माह तक जांच न करने का टालमटोल करते रहे। शिकायतकर्ता द्वारा विरोध करने पर भी 10 माह बाद सहकारी अधिनियम 1960 के नियम व सेवा शर्तों को दरकिनार व ठेगा दिखाते हुए अपने जांच प्रतिवेदन में तत्कालीन लैम्पस प्रबंधक द्वारा की गई गलतियों को बचाने का प्रयास किया गया।
तत्कालीन कलेक्टर ने लिया था संज्ञान में
कलेक्टर को सहकारी निरीक्षक संजय सराफ द्वारा नियम विरुद्ध जांच की गई थी जिससे शिकायतकर्ता ने तत्कालीन कलेक्टर ललित दाहिमा से मौखिक और लिखित 23 जनवरी 20 को पुन:की गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त सहकारिता विभाग ने तत्काल मैडम को फोन कर किसी अन्य अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने को निर्देशित किया गया था।
प्रशासक का नहीं मिलता सहयोग
तत्कालीन कलेक्टर के निर्देशानुसार उपायुक्त सहकारिता विभाग द्वारा मामले को संज्ञान में लेते हुए तत्कालीन लैम्पस प्रबंधक बनसुकली के विरुद्ध की गई शिकायत की पुन: निष्पक्ष जांच करने हेतु सहकारी निरीक्षक उमेश तिवारी विकासखंड जयसिंहनगर को जांच कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को निर्देशित किया गया। जांच अधिकारी सहकारी निरीक्षक उमेश तिवारी को समिति बन- सुकली,करकी एवं अमझोर के प्रशासक व्ही.डी.गुप्ता सहकारी निरीक्षक विकासखंड सोहागपुर द्वारा तत्कालीन लैम्पस प्रबंधक सत्यनारायण गुप्ता से सामाजिक सरोकार व संबंध रखने के कारण जांच में जांच अधिकारी का सहयोग लगातार न किए जाने से जांच की कार्यवाही आज तक पूरी नहीं हो पा रही है ।
व्ही डी गुप्ता की भी हुई शिकायत
सामाजिक सरोकार व संबंध रखने वाले समिति बनसुकली,करकी एवं अमझोर के प्रशासक व्ही.डी. गुप्ता की शिकायत बीरेंद्र पाण्डेय द्वारा कमिश्नर महोदय से 12 जून 2020 को लिखित एवं ज्वाँइन डायरेक्टर सहकारिता विभाग संभाग रीवा, शहडोल को भी फोन व व्हाट्सएप पर 8 जुलाई को जानकारी भेजी गई हैं।
व्ही.डी.गुप्ता तो हटे,पर संजय डटे
उपायुक्त सहकारिता विभाग के यहां की गई लैम्पस प्रबंधक की जांच सहकारी निरीक्षक संजय सराफ ने आपने कार्यालय में ही बैठकर की थी,उन्होंने लैम्पस प्रबंधक व सगे संबंधियों को बचाने का प्रयास क्यो किया था….? जिसके बाद शिकायतकर्ता ने पुन: तत्कालीन कलेक्टर द्वारा निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रशासक व्ही.डी.गुप्ता को हटाकर जयसिंहनगर में पदस्थ क्षेत्रीय सहकारी निरीक्षक को प्रशासक नियुक्त करने की मांग की गई। जबकि व्ही.डी. गुप्ता को प्रशासक पद से हटाया गया पर संजय सराफ प्रशासक बनकर डटे है।
आखिर क्यो नही हो रही कार्यवाही
आखिर ऐसी क्या बात है की उपायुक्त सहकारिता विभाग ने तत्कालीन लैम्पस प्रबंधक द्वारा अपने सगे संबंधियों की नियुक्ति कर शासन की वित्तीय व्यवस्था को चूना लगाने की जानकारी होने के बाद भी आंखों में पर्दा डालकर उपरोक्त समितियों का प्रशासक आरोपित कर सहकारी निरीक्षक संजय सराफ को जिन्होंने अपने जांच में सगे संबंधियों को बचाने का प्रयास किया गया को प्रशासक बना दिया गया जो नियम विरुद्ध है।

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