(शीतल निर्भीक ब्यूरो)
बलिया।जब दो अजनबियों प्रेम या विवाह होता है ये जोड़ी बचन बद्ध होते है और जीने मरने की व साथ निभाने की शपथ लेते है। लेकिन यह बाते तो कभी-कभार देेेेखने-सुनने को मिलती है। ऐसी ही घटना उत्तर-प्रदेश बलिया जिले की रसड़ा क्षेत्र के मुड़ेरा गांव के राजभर बस्ती में बुधवार को रात्रि में जो हुआ।एक दंपति पति-पत्नी के पवित्र व अटूट प्रेम अटूट विवाह के डोरी बधे होने का सत्यता देखने को मिला एक मिसाल कायम करके रख दिया है।

बताया जाता है कि जहां पति की पहले हुई मौत के कुछ ही घंटे बाद पत्नी की भी स्वाभाविक मौत हो गयी। दोनों शवों का अंतिम संस्कार एक ही साथ आज गुरुवार को सीमावर्ती बिहार के बक्सर गंगा तट पर किया गया। मुखाग्नि उनके ज्येष्ठ पुत्र मुन्ना ऊर्फ चंचल राजभर ने दी। हालांकि दोनों दंपत्ति वृद्ध थे। वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार भी छोड़ गये है। बावजूद इसके उनकी साथ-साथ मौत ने सभी को सोचने पर विवश कर दिया है। 

बता दें कि मुडेडा गांव के राजभर बस्ती निवासी पशुपति राजभर (90) का बुधवार को रात्रि में आकस्मिक निधन हो गया। यह खबर जैसे ही उनकी पत्नी बदामी देवी को मिली वैसे ही उनकी भी कुछ ही देर के बाद मृत्यु हो है। क्योंकि वे इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पायी। दोनों की निधन की सूचना फैलते ही गांव के लोग उनके घर पहुंचने लगे। जो जहां था वहीं से यही कह रहा था कि यह एक संयोग ही है कि पति पत्नी एक साथ स्वर्ग को सिधार गये। ऐसा माना जाता है कि इस भौतिक संसार मे विरले ही ऐसा सुसंयोग देखने को मिलता है। शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में भासपा नेता दिनेश राजभर, पूर्व प्रधान श्रीविलाश यादव, प्रधान प्रतिनिधि हरेंद्र यादव, अजीत सिंह, अभिषेक तिवारी बिट्टू व गांव के सम्मानित आदि लोग रहे।