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| बच्चे को दूध पिलाते डॉक्टर |
सिद्धार्थनगर : यह घटना उत्तर प्रदेश के जिला सिद्धार्थ नगर के निपनिया की है। यहां तपती धूम में जमीन के नीचे दबा बच्चा जिंदा निकल आया है। इसलिए कहते हैं- जाको राखे साइंया मार सके ना कोय' ।
जिले के थाना कोतवाली जोगिया क्षेत्र के ग्राम निपनिया में किसान अपने खेतों में मिट्टी की पटाई कर रहे थे। इस दौरान मिट्टी के नीचे बदा नवजात शिशु निकल आया। यह खबर गांव में और आसपास क्षेत्रों में जगल की आग तहर फैल गई। बच्चे को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पा कर मौके पर पहुंचे एसआई अशोक कुमार यादव ने लोगों के सहयोग से बच्चे को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
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प्रभारी चिकित्साअधिकारी ने कहा कि बच्चा स्वस्थ है। इसका इलाज किया जा रहा है। बता तें की बच्चे के नभी से नाल लगी हुई थी। प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक बच्चे को देखने से ऐसा लग रहा है उसका जन्म हालही में हुआ था। और किसी बिन व्याही मां ने अपना पाप छुपाने के लिए बच्चे को खेत में कब्र खोद कर बच्चे को दबा दिया था। लेकिन, बच्चे के भाग्य में जीना लिखा था और बच्चा तपती धूप में भी जिंदा निकल आया।
प्रभारी चिकित्साअधिकारी ने कहा कि बच्चा स्वस्थ है। इसका इलाज किया जा रहा है। बता तें की बच्चे के नभी से नाल लगी हुई थी। प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक बच्चे को देखने से ऐसा लग रहा है उसका जन्म हालही में हुआ था। और किसी बिन व्याही मां ने अपना पाप छुपाने के लिए बच्चे को खेत में कब्र खोद कर बच्चे को दबा दिया था। लेकिन, बच्चे के भाग्य में जीना लिखा था और बच्चा तपती धूप में भी जिंदा निकल आया।
एसएसआई ने बतायाकि अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। उधर बच्चे को गोद लेने के लिए एक महिला ने इच्छा जताई है। चिकित्साधिकारी मानवेंद्र पाल ने कहा कि गांव निपनिया की ही एक महिला लक्ष्मी ने बच्चे को गोद लेने की इच्छा जताई है।

