(यूपी की खास खबरे)
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(शीतल निर्भीक ब्यूरो)
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लखनऊ।उत्तर-प्रदेश केे बांदा जिले मे एक अजीबो-गरीब घटना घटित हुई जिसे सुनकर आपको ऐसा लगेगा कि वास्तव मे अपने देश के लिए कुर्बानी देने वालो की कमी नही है।कोरोना-कोरोना-कोरोना जैसेे महामारी की बात आजिज आकर देेेश को निजात दिलाने के लिए एक गरीब परिवार की गायत्री नामक एक 14 वर्षीय नवयुवती ने शिव मंदिर मे भगवान् भोले शंकर को अपनी जीभ काटकर उनके
चरणो मे अर्पित कर दिया। इसकी खबर सूनते ही आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते हजारो लोग मंदिर मे एकत्रित हो गए।
यह घटनाक्रम उत्तर-प्रदेश के बांदा जिले की बदौसा थाना क्षेत्र के भदावल गावँ में एक गरीब मजदूर अपने परिवार के साथ रहता है उसकी की पाँच लडकिया है और दो लड़के है जिनमे उसकी सबसे छोटी पुत्री ने बीती शाम देश को बीमारी से बचाने के लिए अपनी जीभ काटकर मंदिर में चढ़ा दी ।
गौरतलब है कि बदौसा थाना क्षेत्र के भदावल गावँ में सौखी लाल अपने परिवार के साथ रहता है वह मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता है सौखी लाल की सबसे छोटी पुत्री गायत्री (14) प्रतिदिन की भांति घर से मन्दिर जाने को निकली तो घर से उसने कुछ पैसे भी माँगे जिसमे उसने दुकान से ब्लेड खरीदा और प्रतिदिन की भांति बागै नदी के किनारे सुबह शाम पीपल के पेड़ के नीचे शंकर जी के मंदिर में दर्शन करने एवं पूजा करने वहाँ पहुँच गई , करोना से देश को बचाने हेतु देर शाम गायत्री ने शंकर जी के मंदिर में अपनी जीभ काटकर चढ़ा दी आपको बता दे कि गायत्री की चार बहने है और दो भाई है गायत्री अपने घर मे सबसे छोटी है । परिजनो ने एंबुलेंस को सूचना दिया ।
लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची न ही गांव वालों ने अस्पताल ले जाने का प्रयास किया बालिका वही मंदिर में ही हाथ जोडे खून से लथपथ लेटी है ।


