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| प्रतिकात्मक। |
कपूरथला : लोग इतनें असंवेदनशील हो जाएंगे किसी ने सोचा भी नहीं होगा। कोरोना के डर से खून के रिश्ते तार-तार हो रहे हैं। यहां एक बेटा ने अपनी मां का शव ले जाने से इनकार कर दिया। इस वृद्ध मां की मौत स्वभावित हुई थी, लेकिन बेटे ने यह कहते हुए मना कर दिया यदि वह अपनी मां का शव लेजाएगा तो उसे भी कोरोना हो जाएगा। यह मामला जिले के आरसीएफ के पास बनी झुग्गी झोपड़ियों का है।
मामाले के अनुसार बेबे नानकी रोड स्थित आरसीएफ के समीप झुग्गी-झोपड़ी में रामू नाम का युवक रहता है। कर्फ्यू से दो दिन पहले मुक्तसर के गांव वड़िंग से उसकी बुजुर्ग मां मंगली देवी आकर रहने लगी। यहां अचानक उसकी मौत हो गई, लेकिन बेटा अंतिम संस्कार करने की बजाय शव और अपने परिवार को छोड़कर इधर-उधर हो गया। रिश्तेदार ने भी इसलिए दूरी बना ली कि उन्हें कोरोना से मौत होने का भय हो गया था।
जब यह बात जिला प्रशासन के ध्यान में आई तो वे तहसीलदार मनवीर सिंह, पटवारी के साथ युवक को समझाने पहुंचे। सेहत विभाग की टीम ने मृतका के बेटे की काउंसलिंग की और मां का अंतिम संस्कार करने के लिए रजामंद किया। फिर किसी तरह शव को श्मशान घाट पहुंचाकर दाह संस्कार करवाया गया।
