रजनीश कुमार मिश्र, बाराचवर (गाजीपुर) :  जिले के बाराचवर ब्‍लॉक में शुक्रवार को कोरोना एक और संदिग्ध युवक मिला।  युवक को सर्दी-जुकाम और बुखार की शिकायत थी। सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र डॉक्‍टरों ने संदिग्‍ध युवक को जिला चिकित्सालय गाजीपुर रेफर करने के साथ ही उसका सैंपल वाराणसी भेज दिया है। उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश में अब तक ५० संदिग्‍घों के सैंपल जांच के लिए वाराणसी भेजे गए थे। इनमें बाराचवर ब्‍लॉक के भी चार संदिग्‍ध शामिल हैं।  सबसे सुखद बात यह है कि आठ मरीजों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है जबकि बाकियों की रिपोर्ट आनी बाकी है। 
प्राप्त सूचना के अनुसार ब्‍लॉक क्षेत्र के एक गांव (पहचान छिपाने के लिए गांव का नाम नहीं बताया जा रहा है) के श्रीनीवास राजभर कुछ माह पहले दिल्‍ली गया था।  वापस अपने गांव आने पर सर्दी, जुकाम और बुखार होने पर खुद श्रीनीवास शुक्रवार को  दोपहर करीब १२ बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बाराचवर पहुंचा। यहां डॉक्टरों की टीम ने कोरोना लक्षण देख युवक का सैंपल जांच के लिए सिविल अस्‍पताल गाजीपुर भेज दिया। फिलहाल श्रीनिवास और उसके परिवार को सेहत विभाग की निगरानी में रखा गया है। यहीं नहीं गांव को भी डॉक्‍टरों ने अपनी निगरानी में रखा हुआ है। 
सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र बाराचवर।

जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है
चिकित्साधिकारी एनके सिंह ने बताया श्रीनिवास राजभर जो कोरोना संदिग्ध लग रहा था।  वह आज हीं दिल्ली से आया हैं। श्रीनिवास को जुकाम की शिकायत होने पर वह खुद जांच कराने सामुदायिक केन्द्र आया था।  जिसे उच्चाधिकारियों को सूचित कर ऐनसुलेशन के लिए गाजीपुर भेज दिया गया हैं। हलाकि  अभी ये मरीज संदिग्ध हैं.।  जब तक इसकी रिपोर्ट नहीं आ जाती तबक  कोरोना की पुष्टि नहीं कर सकते ।
जानकारी देते डॉक्‍टर एनके  सिंह।
मौसम बदलने की वजह से भी होता है सर्दी जुकाम
-डॉक्टर एनके सिंह ने कहा की सर्दी जुकाम मौसम बदलने के की वजह से भी होता है।  इसलिए यह मरीज अभी संदिग्ध हैं। डॉ: एनके सिंह ने कहा सर्दी, जुकाम कोरोना की भी पहचान हैं । हमारे यहां जांच करने का कोई यंत्र नहीं हैं। श्रीनीवास को संदिग्ध मान कर जांच के लिए गाजीपुर भेजा गया है।  जब तक इसकी रिपोर्ट न आजाये। हम कोरोना की पुष्टि नहीं कर सकते। फिलहाल यह सेहत विभाग की निगरानी में है। 
डरने की नहीं सावधानी बरतने की जरूरत
डॉक्‍टर सिंह ने कहा कि कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है।  इस रोग से बचने के लिए जितना हो सके समाजिक दूरी बनाए रखें।  हाथों को बारबार साबुन से अछी तरह धोते रहें। कोरोना का वायरस १२ घंटे तक जीवित रहता है।  ऐसे में न तो किसी से हाथ मिलाएं और ना ही किसी को गले लगाएं। मुंह पर मास्‍क लगाकर बात करें। छींके या खांसें।