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| अमृतसर जालंधर जीटी रोड पर पसरा सन्नाटा। स्रोत सोशल साइट़स |
अमृतसर - कोरोना वारस के कारण लॉकडाउन के चलते जनजीवन ठप सा हो गया है। हालत यह बन गए हैं कि सड़कें सूनी और बाजार विरान हो गए हैं। इसबीच लॉकडानउन का उल्लंघन करने वालों की भी कमी नहीं है। पिछले चार दिनों ने कर्फ्यू का उल्लंधन करने के आरोप में ३०० से अधिक लोगों पर मामले दर्ज किए हैं, जबकि करीब २०० लोगों पर केस दर्ज किए जा चुके हैं।
यहां के लोगों का कहना है कि यह दूसरी बार ऐसा मामला है जब पंजाब में कर्फ्यू लगाना पड़ा है। ८० साल की गुरमुख कौर कहती हैं कि पहली बार १९८४ में कर्फ्यू लगा था कि अब कर्फ्यू लगा है। कर्फ्यू की वजह से सब्जी और राश आदि मिलने में परेशानी हो रही है। इसी तरह पवन कुमार, गुरप्रताप और बगीचा सिंह कहते हैं कि कोरोना से बचाने के लिए लगाया गया यह कर्फ्यू ठीक है, लेकिन लोगों परेशानी भी हो रही है। सारा काम काज ठप हो गया है।
गोल्डन टेंपल और दुर्ग्याणा मंदिर में पसरा सन्नाटा
कर्फ्यू के कारण विश्वप्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर, दुर्ग्याणा मंदिर और जलियावालाबाग में सन्नाटा पसरा हुआ है। कुछ यही हाल शहर के विभिन्न मंदिरों और गुरुद्वारों का है। आम तौर पर २४ घंटे गुलजार रहने वाले अमृतसर में विरानगी छाई हुई है। इस बीच कर्फ्यू के कारण पिछले चार दिनों से गोल्डन टेंपल में फंसे दिल्ली और हरियाणा के करीब १५० श्रद्धालुओं को मंदिर प्रशासन में तीन बसों में उन्हें दिल्ली और हरियाणा भिजवाया।
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| कर्फ्यू के दौरान खाली पड़ा हैरिटेज स्ट्रीट |
पर्यटन पर पड़ा असर
कर्फ्यू के कारण अमृतसर का करोबार तो प्रभावित हो रही रहा है। लेकिन इसका सबसे बुरा असर पर्यटन उद्योग पर पड़ रहा है। टुरिज्म विभाग चंडीगढ़ से मिले आंकड़ों के मुताबिक अमृतसर में प्रतिदिन ५० हजार से अधिक पर्यटक विभिन्न संसाधनों से पहुंचते थे। कोरोना वायरस के कारण अटारी बार्डर से लेकर जलियावालाबाग तक एक अजीब सा सूनापन छाया हुआ है। इसके चलते हैरिटेज स्ट्रीट, पार्टिशन म्यूजियम, जलियांवालाबाग, किला गोबिंदगढ़, म्यूजियम रामबाग, वार मेमोरियल सहित अन्य स्थानों को बंद कर दिया गया है।
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| बदं पड़े अमृतसर के बाजार |
बाजारें व सड़कें खाली
१९४७ और १९८४ की बात छोड़ दी जाय तो यह पहला ऐसा मौका है जब, अमृतसर की बाजारों में आदमी तो क्या वहां की सड़कों पर पशु भी दिखाई नहीं दे रहे। पिछले करीब चार दिनों से यहां के प्रमुख बाजारों में शास्त्री मार्केट, हाल गेट, बाजार सुनियारा, बर्तनवाली बाजार, बाजार पापड़ां वाली, आटा मंडी, घी मंडी, नमकमंडी, जलेबी वाला चौक, लॉरेंस रोड, क्वींस रोड सहित शहर के सभी प्रमुख बाजार बंद हैं।
भूख से बिलबिला रहे पशु भी
पिछले चार दिनों में ही हालत यह हो गई है सड़कों पर घूमने वाले पशु गाय और कुत्ते भूख से बिलबिला रहे हैं। आम तौर पर लोग रोजाना कुत्तों को दूध पिलाते थे और गायों को चारा आदि डालते थे। लेकिन कर्फ्यू की वजह से कोई घर से बाहर नहीं निकल रहा है। ऐसे में भूख की वजह से रात को कुत्तों का रोना और गायों का रंभाना यहां के लोगों विचलित कर रहा है। हर जगह, हर नाकों पर पुलिस बल तैनात है।
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| जरूरतमंद लोगों को खाने का पैकेट व जरूरत का अन्य सामान बांटते प्रीत ढ़ाबा के मालिक। |
स्वयंसेवी संगठनों ने संभाला मोर्चा
गोल्डन टेंपल की गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी, राधास्वामी डेरा व्यास, दुर्ग्याणा मंदिर कमेटी, जामा मस्जिद, रेलवे स्टेशन सहित प्रित ढाबा सहित शहर के विभिन्न कारोबारियों ने जरुरत मंद लोगों को सुबह-शाम खाने का पैकेट, साबुन, ब्रस और पेस्ट, बोतलबंद पानी, सैनिटाइजर, ग्लब्स और मास्क बितरित कर रहे हैं।



