सिद्धार्थ मिश्र, अमृतसर : पंजाबी फिल्म 'शूटर' रिलीज से पहले प्रतिबंधित कर दी गई है। इससे पहले भी पंजाबी फिल्मों पर धार्मिक मामलों को लेकर पाबंदी लगती रही है। लेकिन यह पंजाबी भाषा की फिल्मों में पहला ऐसा मामला है जो किसी गैंगस्टर के जीवन पर फिल्म बनी है।
'शूटर' पर पंजाब सरकार को इस लिए रोक लगाना पड़ा कि यह फिल्म प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर सुक्खा काहलोवाला के जीवन पर आधारित है। 'शूटर' २१ फरवरी को रिलीज होने वाली थी और इसका प्रमोशन पिछले माह १८ जनवरी को हुआ था। यही नहीं फिल्म के निर्देश और प्रमोटर केवी सिंह ढिल्लों और फिल्म से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ मोहाली में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है।
प्रदेश में फिल्म के प्रदर्शन और गानों पर रोक लगाने के पीछे सरकार का तर्क है कि वह ऐसे किसी भी फिल्म या गाने को चलाने की मंजुरी नहीं देगी जो अपराध व हिंसा को बढ़ावा देती हो। बता दें कि फिल्म के निर्माता केवी ढिल्लों ने जब २०१९ में 'सुक्खा काहलवां' पर फिल्म बनाने की घोषणा की थी तब उन्होंने उन्होंने विश्वास दिलाया था कि वह फिल्म में ऐसा कुछ नहीं दिखाएंगे जिससे हिंसा को बढ़ावा मिलता हो। फिल्म पर पाबंदी को लेकर डीजीपी दिनकर गुप्ता, एडीजीपी इंटेलिलेंस ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ बैठक की।
इन अधिकारियों ने सरकार को बताया कि फिल्म बहुत ज्यादा हिंसक है। इसका युवाओं पर बुरा असर पड़ सकता है। प्रदेश की कानून व्यवस्था भी बिगड़ सकती है। बता दें कि गैंगस्टर सुक्खा कहलोंवाला की जालंधर कोर्ट में पेशी के बाद पटियाला के नाभा जेल लेजाते समय जनवरी २०१५ में गैंगस्टर विक्की गौंडर और उसके साथियों फगवाड़ा के पास पुलिस हिरासत में अंधाधुंध फायरिंग कर उसकी हत्या कर दी थी। हलांकि विक्की गौंडर भी पुलिस एनकाउन्टर में मारा जा चुका है।
