झरोखा न्‍यूज : आज शनिवार है। आज का दिख खास है। खास इसलिए कि छठपूजा है और आज भगवान आदित्‍य नाथ अर्थात सूर्य की पूजा और उन्‍हें जल देने का पुण्‍य उठाएं। आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।
सुबह जल्दी उठें। नित्‍य कर्म के बाद स्नान कर  भगवान भास्‍कर अर्थात सूर्य को जल चढ़ाएं। हो सके तो इसमें लाल चंदन घिस कर मिला लें।  जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे का उपयोग करें। क्योंकि तांबा सूर्य की धातु है। जल में चावल, रोली और लाल फूल पत्तियां  भी डाल ले। इसके बाद इस मंत्र -
आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर, दिवाकर नमस्तुभ्यं, प्रभाकर नमोस्तुते।
सप्ताश्वरथमारूढ़ं प्रचंडं कश्यपात्मजम्, श्वेतपद्यधरं देव तं सूर्यप्रणाम्यहम्।।
सूर्य को अर्घ्य यानी जल दें। इस इस बात खास ध्‍यान रखेंकि जल देते समय पानी की जो धारा जमीन पर गिरती है उस धारा से सूर्यदेव के दर्शन करना चाहिए। इससे आंखों की रोशनी तेज होती है। अर्घ्य देने के बाद जमीन पर गिरे पानी को अपने मस्तक पर लगाना चाहिए। इस प्रक्रिया के दौरान इस बात का खास ध्‍यान रखें कि जल देते समय उसके छींटे पैरों पर न पड़े।  सूर्य को जल चढ़ाने के लिए  सुबह जल्दी उठें और अरुणोदय के समय जल देना शुभकर होगा।  जल्दी उठने से स्वास्थ्य ठीक रहता है।