अमृतसर : विश्‍व प्रसिद्ध गुरु नगरी अमृतसर में इस वर्ष सूर्य छठ पूजा श्री दुर्ग्‍याणा कमेटी की लापरवाही की वजह से अव्‍यवस्‍था की भेंट चढ़ गया। इसे लेकर बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्‍तर प्रदेश के लोगों में काफी रोष है।  बताया जा रहा है कि यह अव्‍यवस्‍था मंदिर के सरोवर में जल कम होने की वजह से उत्‍पन्‍न हुई है। क्‍योंकि इसी वर्ष फरवरी में सरोवर की सफाई कर करीब दो माह बाद पानी छोड़ा गया है, लेकिन सरोवर आज तक नहीं भर पाया है। 
   बिहार जनसेवा समिति, मिथिला सेवा समिति, बिहार विकास मंच और उत्‍तर प्रदेश कल्‍याण परिषद के सदस्‍यों ने श्री दुर्ग्‍याणा मंदिर कमेटी के प्रबंधकों पर आरोप लगाया कि उन्‍होंने सरोवर में जल कम होने का हवाला दे कर मंदिर परिसर में पूजा करने से मना कर दिया है। जिसकी वहज से करी 50 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए है। हलांकि मंदिर प्रबंधन की तरफ से मंदिर के बाहर बने पार्क में पूजा करने की मंजूरी दे दी गई थी। 
छठ पूजा का आयोजन करने वाली इन कमेटियों के सदस्‍यों का कहना था कि मंदिर कमेटी के इस फैसले से लोगों को यहां से करीब 10 किमी दूर रामतीरथ जाना पड़ा। यदि मंदिर कमेटी चाहती तो सरोवर के किनारे पूजा करने की मंजूरी दे सकती थी, लेकिन उन्‍होंने ऐसा नहीं किया। 
 कमेटी सदस्‍यों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ये पार्क में पांच छह सौ लोग जो पूजा करते दिख रहे हैं उन्‍हें राजनीतिक डलवार मंदिर प्रबंध से मंजूरी ली गई है। उन्‍होंने कहा कि इससे पहले पिछले साल मंदिर प्रांगड में 50 हजार से अधिक लोगों ने छठ पूजा की थी। मंदिर प्रबंधन को इस तरफ ध्‍यान देना चाहिए। मिथिला विकास मंच के सदस्‍यों ने कहा कि मंदिर कमेटी के रवैसे यूपी, बिहार के लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उम्‍मीद है दुर्ग्‍याणा मंदिर प्रबंधन भविष्‍य ऐसा नहीं करेगा।
उधर, मंदिर प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए के मंदिर कमेटी के अध्‍यक्ष के मोबाइल नंबर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका।