झरोखा न्यूज : तीन दिनों तक चलने वाली सूर्य षष्ठी पूजा रविवार को ऊषा की अर्घ्य के साथ संपन्न हो गई। नदी, ताल, तलैया और पोखर किनारे टिमटिमाते दियों की रोश पानी सुनहरी आभा बिखेर रहे थे। जिन्हें देख ऐसा आभास हो रहा था कि असंख्य तारे आसमान छोड़ जमीन पर उतार आएं हों। जिधर देखों उधर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा था प्रकृति की पूजा के लिए।
जालंधर में मुख्य आयोजन श्री देवी तालाब मंदिर में किया, यहां करीब आठ हजार से अधिक लोगों को भागवान आदित्य नाथ को अर्घ्य दी। इसके अलावा शहर के विभिन्न पार्कों में क्रितृम तालाब बनाकर और कुछ जगहों पर नहर किनारे व्रतियों ने पूजा अर्चना की।
वहीं लुधियान तो शनिवार और रविवार को मिनी पटना नजर आया और यहां का सतलुज दरिया गंगा का किनार लग रही थी। इसके अलावा कई अन्य जगहों पर भव्य आयोजन किए गए थे। यहां तो छठ व्रतियों की भीड़ की वजह से जाम की स्थिति बन गई थी। एक अनुमान के मुताबिक यहां करी 50 हजार से अधिक लोगों ने भगवान भास्कर की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख संमृद्धि और संतान की कामना की।
