स्रोत - सोशल साइट़स।














सुल्‍तानों के बसाए इस नगर में श्री  गुरु नानक देव जी अपने जीवन के 14 साल बिताए हैं।  वर्तमान में यह शहर  कपूरथला जिले में  है । यहां पर आ कर सिख संगत स्वयं को सौभाग्यशाली मानती है। कहा जाता है कि गुरु नानक देव जी यहाँ के नवाब के मोदीखाने का कार्यभार संभालते थे

झरोखा न्‍यूज, सुल्‍तानपुर लोधी से : महमूद गजनवी के सिपाहसालार सुल्‍तान खान लोधी द्वारा 1103 ईसवी में बसाया गया सुल्‍तानपुर लोधी इन दिनों देश-विदेश के सिख संगत के लिए कौतुहल, आस्‍था और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।  कौतुहल इस बात को लेकर है श्री गुरु नानक देव जी के 550 वें प्रकाशपर्व पर होने वाली व्‍यस्‍था कितनी भव्‍य होगी।  और आस्‍था इसलिए कि  इस नगर में सिख धर्म के संस्‍थापक और पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के 14 साल व्‍यतित किए हैं। 
   पंजाब के कपूरथला जिले में  स्थित सुल्तानपुर लोधी में मनाए जा रहे प्रकाश पर्व में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए 270 एकड़ में एक विशाल शिविर  तैयार किया गया है। कयास लागया जा रहा है कि यहा देश-विदेश से लाखों की संख्‍या संगत पहुंचेगी। इसके मद्दे नजर  उन्हें रहने के लिए नि:शुल्क आवास उपलब्ध कराने के लिये ये टेंट सिटी बनाई गई है।  इस परियोजना के प्रबंधक पंकज शर्मा के अनुसार शिविर में 35,000 हजार से अधिक लोग ठहर सकते हैं। मूलभूत आधुनिक सुविधाओं से लैस यह टेंट सिटी सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगा।  कुछ इसी तरह की व्‍यवस्‍था  साल 2017 में गुरु गोबिंद सिंह की 350वीं जयंती पर बिहार के पटना में भी की गई थी, जिसकी देश-विदेश में काफी सराहना हुई थी। प्रकाश पर्व पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रण  दे दिया गया है। पाकिस्‍तान के श्री ननकाना साहिब से चल कर नगर कीर्तन भी सुल्‍तानपुर लोधी पहुंच चुका है। संगत की सेवा में पंजाब रोडवेज की बसें भी लगी हैं।

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तीन भागों में विभाजित है टेंट सिटी
सुल्‍तानपुर लोधी में संगत के लिए बनाई जा रही टेंट सिटी तीन हिस्सों में विभाजित, जिसें 35,000 से अधिक संगत ठहर सकेगी। व्‍यवस्‍थापकों के अनुसार शिविर आवंटन के लिए  एक नवंबर से ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
यह होगी सुविधा
 श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए इस शिविर में भोजन से लेकर दवाई तक की व्‍यवस्‍था की गई है। प्रबंधकों के अनुसार लंगर के लिए स्थान तय कर लिया गया है। इसके अलावा क्लॉक रूम, वेटिंग रूम  और ‘जोड़ा घर’ यानी जूते- चप्पल रखने की जगह के लिए भी स्थान निर्धारित कर लिया गया है। इसके अलावा टेंट सिटी में मेडिकल शिविर और अस्‍थाई एटीएम की भी व्‍यवस्‍था होगी। खास बात यह है कि टेंट सिटी में सौ फीसद पावर बैकअप, आरओ पानी और 250 सीसीटीवी कैमरे लगे होने के साथ सुरक्षा की चाक चौबंद व्‍यवस्‍थ होगी।
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20 से 25 लाख तक आ सकते हैं श्रद्धालु
 12 नवंबर को श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व मनाने के लिए देश-विदेश करीब 20-25 श्रद्धालुओं के सुल्‍तानपुर लोधी पहुंचने की उममीद है। व्‍यवस्‍था की देखरेख में लगे अधिकारियों का कहना है कि सुल्‍तानपुर लोधी, कपूरथला और आसपास के गांवों के लोगों से भी संगत को अपने यहां ठहराने की अपील की गई है। संगत के सुल्‍तानपुर लोधी पहुंचने का क्रम शुरू हो गया है। उनके ठहरने लिए मैरिज हॉल, स्‍कूला, कॉलेजों, होटलों यहां तक कि गांवों में बने सामुदायिक केंद्रों में भी  ठहराने का बंदोबस्त किया जा रहा है।
बुनियादी ढांचों को सुरधारने में सरकार खर्च कर रही है 300 करोड़
  सुल्तानपुर लोधी सहित आसपास के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए पंजाब सरकार 300 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इसके तहत सड़कों के निर्माण, मरम्मत, विस्‍तार, नये पुलों के निर्माण आदि शामिल हैं। शहर में दीवारों पर सिख संस्कृति से संबंधित चित्र और पच्चीकारी कला प्रदर्शित की जा रही है।
8 नवंबर को पीएम व 12 को राष्‍ट्रपति आएंगे सुल्‍तानपुर
केंद्रीय फूड प्रसंस्‍करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 नवंबर को पाकिस्तान के दरबार साहिब गुरुद्वारे से पंजाब के गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक धर्म स्थल को जोड़ने वाले करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह श्री गुरु नानक देव जी की चरण छोह स्‍थली सुल्‍तानपुर लोधी भी आएंगे। इसके बाद 11 नवंबर को गृह मंत्री अमित शाह एसजीपीसी (शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति) के मंच का दौरा करेंगे। इसके बाद 12 नवंबर को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद भी आएंगे।
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सिखों के लिए क्‍यों 'काशी है' सुल्‍तानपुर लोधी
सुल्‍तानों के बसाए इस नगर में श्री  गुरु नानक देव जी अपने जीवन के 14 साल बिताए हैं।  वर्तमान में यह शहर  कपूरथला जिले में  है । यहां पर आ कर सिख संगत स्वयं को सौभाग्यशाली मानती है। कहा जाता है कि गुरु नानक देव जी यहाँ के नवाब के मोदीखाने का कार्यभार संभालते थे।  कहते हैं कि सुल्‍तानपुर लोधी का नाम पहले सरवमानपुर था। जब मुहम्मद गजनवी ने इस शहर पर आक्रमण किया, तो उसने इस नगर को जालने का आदेश दिया था। इतिहासकारों के मुताबिक इसका एक नाम पेरन पुरी भी था। सुल्‍तानपुर से श्री गुरु नानक देव जी की बरात बटाला गई थी। मौजूदा समय में बटाला गुरदासपुर जिले में है। जहां हर साल सुल्‍तानपुर लोधी से 'बाबे दी बारात जाती है।' सुल्‍तानपुर में श्री गुरु नानक देव जी और उनकी बहन बेबे नानकी से जुड़े कई गुरुद्वारे भी हैं।
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कैसे पहुंचे सुल्‍तानपुर लोधी
यह स्‍थान रेल और सड़क मार्ग से जुड़ा है। यहां पहुंचने के लिए जालंधर और फिरोजपुर से रेल सेवा उपलब्‍ध है। वैसे दिल्‍ली भी रेलगाडि़यां चलाई गई हैं। यहां दिल्‍ली से भी सीधी बस सेवा उपलब्‍धा है। यहां का निकटम हवाई अड्डा श्री गुरु राम दास इंटरनेशनल एयरपोर्ट है जो यहां से लगभग 100 किमी है। यहां की भाषा पंजाबी है। हिंदी और अंग्रेजी भी बोली और समझी जाती है। 15 नवंबर तक सुल्‍तानपुर लोधी से डेराबाबा नानक तक स्‍पेशन ट्रेन भी चलाई गई है।