सनसनी खेज खुलासा, पांच सितंबर को तरनतारन में हुए ब्लास्ट में मारे गए थे दो युवक
पुलिस ने शुरू की जांच तो सुरक्षा एजेंसियों के पैरों तले से खिसक गई जमीन
2016 में सुरखबीर को मारने का तैयार किया गया था प्लान
गोल्डन टेंपल के मुख्यद्वार पर ही सुखबीर बादल पर बंम फेंकने की थी योजना, लेकिन नहीं हो सके थे कामयाब
तरनतारन/ अमृतसर : पिछले कुछ दिनों से पंजाब के सीमवर्ती जिले तरनतारन, अमृतसर और गुरदासपुर से अबतक करीब दस खालिस्तानी आतंकियों की गिरफ्तारी और उनसे बरादम हथियारों सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा कर रख दी थी। सूबे के पूर्व उप मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के हत्या की साजिश का खुलासा होते ही सुरक्षा एजेंसियों के पैरों तले से जमीन खिसक गई है। बता दें कि इस साल गत पांच सितंबर को तरनतारन के पंडोरी गोला गांव में हुए विस्फोट में दो युवकों की मौत की मौत हो गई थी। जबकि, एक युवक के आंखों की रोशनी चली गई थी। इससी मामले की जांच के दौरान यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
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जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों की माने तो ये दो बम 2016 में शिअद प्रधान सुखबीर बादल की हत्या के लिए तैयार किए गए थे। लेकिन, उस वक्त भारी सुरक्षा के कारण आतंकी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए थे और उन्होंने ये बम खेत में दबा दिए थे।
यह जानकारी मामले में गिरफ्तार आरोपी मलकीत सिंह शेरा ने पूछताछ के दौरान बताया है। उसने बताया कि उनका सरगना बिक्रम सिंह पंजवड़ उर्फ बिक्कर है। बिक्रम आईईडी विस्फोटक बनाने में माहिर था। और उसने विस्फोटक सामग्री तैयार कर ली थी। बिक्रम का मानना था कि श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी के लिए बादल परिवार बेअदबी के लिए जिम्मेदार है और इन्हें मारा जाना चाहिए।
सुखबीर नवंबर 2016 में श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व पर स्वर्ण मंदिर जाने वाले थे और तभी उन पर हमले की योजना बनाई गई। योजना के मुताबिक स्वर्ण मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर सुखबीर के पहुंचते ही पहले बिक्रम बम फेंकेगा और फिर शेरा। लेकिन सुरक्षा घेरा की वजह से ऐसा नहीं कर सके। और इस बम को तरनतारन के पंडोंडरी गोला गांव के खेत में दबा दिया था। बता दें कि गुरजंट को हाल ही में एनआईए ने अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया है।
