बरेली : भगवान पर भरोसा न करने वालों को भी कभी-कभी ईश्वर की उस अदृश्य शक्ति पर भरोसा करना पड़ा है जिसे हम चमत्कार कहते हैं। कुछ ऐसा भी उत्तर प्रदेश के बरेली में देखने को मिला। हुआ यूं कि वीरवार को यहां कब्रिस्तान में कोई अपने बच्चे के मृत शरीर को दफनाने आया था। लेकिन यहां जो हुआ उसे देख कर हर कोई कुदरत की सत्ता को सलाम करने लगा।
शव को दफनाने के लिए यहां झाडि़यों में कब्र खोदी जारही थी तफी फावड़ा वहां मिट्टी में दबे एक घड़े से टकराया। इसके बाद एक बच्ची के रोने की आवाज सुनाई थी। कब्र खोदने का काम रोक लोग हाथ मिट्टी हाने लगे इस दौरान एक थैले में रखे मिट्टी से घटे एक जिंदा नवजात बच्ची मिली। हर कोई यह देख कर हैरान था कि घड़ा मिट्टी में दबा होने बावजूद यह बच्ची जिंदा कैसे है। एक किलो वजन से भी कम है। सूचना पा कर कौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर सुभाष नगर हरिश्चंद्र जोशी ने बच्ची को जिला चिकित्सालय भिजवाया। एसएनसीयू वार्ड में भर्ती जहां वह सुरक्षित बताई जा रही है।
शव को दफनाने के लिए यहां झाडि़यों में कब्र खोदी जारही थी तफी फावड़ा वहां मिट्टी में दबे एक घड़े से टकराया। इसके बाद एक बच्ची के रोने की आवाज सुनाई थी। कब्र खोदने का काम रोक लोग हाथ मिट्टी हाने लगे इस दौरान एक थैले में रखे मिट्टी से घटे एक जिंदा नवजात बच्ची मिली। हर कोई यह देख कर हैरान था कि घड़ा मिट्टी में दबा होने बावजूद यह बच्ची जिंदा कैसे है। एक किलो वजन से भी कम है। सूचना पा कर कौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर सुभाष नगर हरिश्चंद्र जोशी ने बच्ची को जिला चिकित्सालय भिजवाया। एसएनसीयू वार्ड में भर्ती जहां वह सुरक्षित बताई जा रही है।
