आर के यादव, जालंधर : एक अक्टूबर से धान की खरीद शुर होने जा रही है, सरकारी इसकी तैयारी भी कर चुकी है। पंजाब के किसान किसी न किसी बात को लेकर नाराज भी चल रहे हैं। सबसे बड़ा कारण इस समय कर्ज माफी को लेकर है, किसानों का आरोप है कि चुनाव में कांग्रेस ने कर्ज माफी का वादा भी किया था, लेकि आधा कार्यकाल बीतनेे के बाद अभी हाल वैसे ही है, जो कर्ज माफी किया गया वह ऊंट के मुंह में जीरा समान है। कहां एक लाख से अधिक का कर्ज किसानों के पास सरकार बैंकों, व आढ़तियों का है, और माफी करीब पांच हजार करोड़ की ही हुई है। कहा जा सकता है कि पांच प्रतिशत कर्ज माफ हो पाया है। जिसको लेकर किसानों का धरना प्रदर्शन लगातार चल ही रहा है। ऐसे में यदि मंडी में किसानों को थोड़ी भी परेशान हुई तो जाहिर है कि वे रेल मार्ग पर दुबारा आ धमकेंगे, सड़क पर से पंजाब के किसान कभी हटते ही नहीं, कहीं न कहीं उनका कार्यक्रम रहता ही है। इसके लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार को सर्तकता बरतने की जरूरत हाेगी। इसके लिए किसान नेताओं से सरकार को पहले ही बैठक कर भरोसे में लेने की जरूरत है, क्योंकि धरना प्रदर्शन जब यातायात के लिए बाधा बन जाता है तो सिर्फ पंजाब ही नहीं अपितु पूरा देश प्रभावित हो जाता है। इससे जहां करोड़ों अरबों का नुकसान होता हैै वहीं आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

