लखनऊ : सपा और सुभासपा के सुप्रिमो (अखिलेश यादव और ओमप्रकाश राजभर) के बीच लगभग 40 मिनट तक हुई बातचीत के कई सियासी मायने निकाले जाने लगे हैं। इस मुलाकात से राजनीतिक गलियारों में चर्चा गर्म है कि कहीं समाजवादी पार्टी और सुभासपा उत्तर प्रदेश में 13 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में साथ मिल कर तो चुनाव नहीं लड़ेंगे।
उल्लेखनीय है कि 2017 का विधानसभा चुनाव सुभासपा ने भाजपा से गठबंधन करके लड़ा था। लेकिन उनके रिश्तों में खटास इस कदर आई कि 2019 के लोकसभा चुनाव में छड़ी और फूल की जोड़ी टूट गई।
अब अखिलेश और ओमप्रकाश की बैठक के बाद यह माना जा रहा है कि राजभर ने सपा की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। यानी अब छड़ी साइकिल पर टंगेगी।
