उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से चल कर पंजाब के सीमावर्ती जिला अमृतसर पहुंचे शाहिल अली के मंसूबे बहेद खतरनाक थे। अपने जिन नापाक इरादों के साथ वह पाक जा रहा था, उसे जान कर हर कोई हैरान रह गया। यह भटका हुआ युवक अगर अपने मंसूबों में कामयाब हो जाता तो अंजाम बेहद खौफनाक होता।
सीमा और सीमा पार की गतिविधियों पर बाज सी नजर रखने वाले बीएसएफ की गिरफ्त में आया शाहिल अली गोंडा जिले के गांव नारायणपुर इदा कर रहने वाला है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि वह आतंकवादी बनने और हथियार चालाने का प्रशिक्षण लेने पाकिस्तान जा रहा था। वह लंबे समय से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में था। और वाट्सएप के जरिए उनके कई बार बात भी कर चुका था। उन्हीं के निर्देश पर वह कटीली तारे पार कर पाकिस्तान जाने की कोशिश कर रहा था। बीएसएफ अधिकारियों ने शाहिद अली से कई पाकिस्तानी नंबर और एक मोबाइल व डायरी बरामद की है।
बीएसएफ अधिकारियों के मुताबिक उसे तब पकड़ा गया जब वह अमृतसर जिले के अजनाला के आब्जर्विंग पोस्ट काहनगढ़ से कंटीली तारों को पार करने की कोशिश कर रहा था। बीएसएसफ के इंस्पेक्टर सीयाराम ने बताया कि उसे थाना घरिंडा पुलिस के हवाले कर दिया गया। जहां उससे पूछताछ की जा रही है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शाहिद अली ने पाकिस्तानी और खालिस्तानी आतंकियों से संबंध होने की बात कबूली है। उसने यह भी बताया कि उसे छह माह की हथियार चलाने की ट्रेनिंग दे कर खतरनाक मंसूबों के साथ भारत भेजा जाता। लेकिन वो दहशतगर्द बनता इससे पहले ही पकड़ा गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ में यह बात सामने आई है कि वह गोंडा से ट्रेन द्वारा तीन दिन पहले ही अमृतर आया था। फिलहाल पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया है।
