झरोखा न्यू: जम्मू-और कश्मीर से धारा 370 और 35ए हटा कर भारत सरकार पाकिस्तान के मुंह पर ऐस करारा तमाचा जड़ा है कि वह दिमागी तौर से बीमार हो गया है। कोमा में आए पाक हुक्मरानों को समझ में नहीं आ रहा है कि वह क्या करें। कल उन्होंने समझौता एक्सप्रेस को भारत लाने से इनकार कर दिया और आज उन्होंने थार एक्सप्रेस और सदा-ए-सरहद बस सेवा बंद कर मानसिक रूप से दिवालिया होने का संदेश दे दिया है।
उल्लेखनीय है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने 1999 में दिल्ली से लाहौर बस सेवा की शुआत की थी। इस तरह थार एक्सप्रेस राजस्थान के जोधपुर से पाकिस्तान के औद्योगिक शहर करांची तक जाती है। गौरतलब है कि करीब 41 साल बंद रहने के बाद वर्ष 2006 में दोबारा शुरू हुई थी। हलांकि भारतीय रेल अधिकारियों ने समझौता एक्सप्रेस के बंद होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है पाकिस्तान को अपने फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए।
बता दें कि जहां थार एक्सप्रेस भारतीय राजस्थान और पाकिस्तानी राजस्थान के लोगों के दिलों को जोड़ी है। वहीं लाहौर-दिल्ली बस सेवा भी दोनों देशों के लोगों के दिलों को जोड़ती है। इससे काफी संख्या में कारोबारी और पाकिस्तानी मरीज दिल्ली में उपना उपचार करवाने आते हैं। उल्लेखनीय है कि 1999 में शुरू हुई सदा-ए-सरहद दिसंबर 2001 में संसद पर हुए हमले के बाद बंद कर दी गई थी। इसके बाद जुलाई 2003 में बंद कर दी गई थी।
व्यापारियों का माल फंसा
पाकिस्तान के समझौता एक्सप्रेस बंद किए जाने के फैसले के बाद भारत और पाकिस्तान के कारोबारियों का माल फंस गया है। उल्लेखनीय है कि गतवर्ष पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत में कठोर कदम उठाते हुए पाकिस्तान को व्यापार में दिए जाने वाले विवेष दर्ज को खत्म कर वहां से आयातित वस्तुओं भारीभरकम कर लगाया था। इस बीच जो थोड़ा बहुत कारोबार हो रहा था वह भी बंद हो गया। बता दे कि समझौता एक्सप्रेस से पाकिस्तान में कपड़े का व्यापार करने वाले वाले व्यापारी का 132 नग कपड़े का लट्ठ अटारी रेलवे स्टेशन पर फंसा हुआ है।
