अमृतर : श्री गुरु नानक देव जी का 550 प्रकाश पर्व मनाने के लिए पाकिस्तान स्थित श्री ननकाना साहिब (श्री गुरु नानक देव जी की जन्म स्थली) से वीरवार को भारत पहुंचा नगर कीर्तन शुक्रवार को अमृतसर स्थित हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) से डेराबाबा नानक के लिए रवाना हो गया। उल्लेखनीय है कि यह यात्रा सिख धर्म के पांच तख्त साहिबों तक जा कर अपनी सौ दिन की यात्रा पूरी करते हुए कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी स्थित गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में पहुंच कर संपन्न होगी। शुक्रवार को श्री अकाल तख्त साहिब पर अरदास के बाद पांच प्यारों के नेतृत्व में अपने अलगले पड़ाव के लिए रवाना हुआ। इस दौरान उत्सव सा माहौल देखने को मिला। फूलों से सजे रथ में सोशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब को अगले पड़ाव के लिए विदा किया गया तो इस दौरान लोगों का भक्तिभाव देखते ही बनता था। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर नगर कीर्तन का स्वागत किया। वहीं गुरु की लाडली फौज के जवानों ने गतके का करतब भी दिखाया।
जिस रास्ते से हो कर नगर कीर्तन गुजरा उस रास्ते को संगत ने पहले झाड़ू से बुहारा और जल का छिड़काव किया। फिर उस रास्ते पर फूलों की 'चादर' बिछा दी गई। आस्था इतनी की लोग इन फोलों को गुरु का प्रसाद समझ कर साथ ले गए। इस दौरान जगह-जगह लंगर लगाए गए। नगर कीर्तन के दौरान शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल, अकाल तख्त साहिब अमृतसर के जत्थेदार सहिबत विभन्न राजनीतिक और धार्मिक संगठनों के लोग मौजूद थे। अपने सौ दिनों की यात्रा पर निकला यह अंतरराष्ट्रीय नगर कीर्तन गुरदासपुर जिले के डेराबाबा नानक और बटाला होते हुए पठानकोट पहुंचेगा। और वहां से अपनी आगे की यात्रा तय करेगा।