वाराणसी : यदि स्कूल से बंक मारने वाले शिक्षकों में आप भी शामिल हैं तो संभल जाएं। अन्यथा परेशानी में फंस सकते हैं। क्योंकि ऐसे गुरुजनों पर नजर रखने के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग ने नई जुगत निकाली है। इस नई जुगत के सामने न तो आपकी कोई बहानेबाजी चलेगी और ना ही दलील।
बता दें कि परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में होने वाली प्रत्येक गतिविधियों को सचित्र ऑनलाइन करने की व्यवस्था बेसिक शिक्षा परिषद ने की है। इसके लिए एक मोबाइल ऐप ‘प्रेरणा’ तैयार किया गया है। इस ऐप के उपयोग के संबंध में शिक्षा परिषद ने सचित्र तकनीकी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस नई व्यवस्था से अब शिक्षकों को सही रिपोर्टिंग दर्शानी होगी। यानी अब टीचर्स की कोई बहानेबाजी नहीं चलने वाली।
बेसिक शिक्षा के प्रमुख सचिव विजय किरण आनंद ने प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को बैठक में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी प्रधानाध्यापकों को एक-एक टैब दिया जाएगा। जिस दिन स्कूल खुलेगा और बंद होगा उस दिन बच्चों के साथ शिक्षकों को एक सेल्फी लेकर ऐप पर अपलोड करनी पड़ेगी।
शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य
जानकारों का कहना है कि नई तकनीक से यह नई व्यवस्था लागू होने से शिक्षकों की उपस्थिति और बच्चों की संख्या की सही जानकारी विभाग को मिलती रहेगी। इसके साथ साथ ही सभी शिक्षकों की नियुक्ति से लेकर तबादला, पदोन्नति सहित सारी व्यवस्था ऑनलाइन होगी। हर ब्लॉक के खंड शिक्षाधिकारी और हर स्कूल के हेडमास्टर को एक-एक टैब मिलेगा, जिसके माध्यम से रोज हाजिरी लेकर ऐप पर अपलोड करना होगा। इसकी निगरानी शासन स्तर से की जाएगी। बेसिक शिक्षकों का सभी विवरण अब पूरी तरह ऑनलाइन होगा और रोज शिक्षकों को अपनी हाजिरी सेल्फी लेकर देनी होगी। इससे शिक्षकों के सही आंकड़े ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेंगे।
