नई दिल्ली: भारत के दोनों सदनों में छह अगस्त को अनुछेद 307 और 35 ए खत्म करनें को लेकर भारी बहुतम से पास होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद से पाकिस्तान के हुक्मरान 'पागल' सा हो गए है। आए दिन तरह-तरह के बयान दे रहे हैं। इनसके बीच पाकिस्तानी वजीरेआजम इमरानखान ने भारत से भी व्यापारिक रिश्ते भी खत्म कर लिए।
बता दें कि इन दिनों पाकिस्तान आर्थिक मंदी के दौर से गुज रहा है और दिवालिया होने के कगार पर खड़ा है। पाकिस्तान में महंगाई अपने चरम पर है। ऐसे में भारत से व्यापारिक रिश्ते तोड़ पाकिस्तान पाकिस्तान अपनी बर्बादी की नई इबारत लिख रहा है। उल्लेखनीय है कि बुधवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने नेशनल सिक्यूरिटी कमेटी की उच्चस्तरीय बैठक कर भारत सरकार के साथ सभी द्विपक्षीय व्यपारिक रिश्ते खत्म कर दिए।
बैठक में तय किया गया कि पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस 14 अगस्त को कश्मीरियों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के रूप में मनाया जाएगा जबकि भारत के स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को काला दिवस मनाया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस दौरान प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने मानवाधिकार उल्लंघन के संबंध में भारत के ख़िलाफ़ सभी कूटनीतिक चैनलों के इस्तेमाल के निर्देश दिए हैं. इमरान ख़ान ने सेना को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
भारत पर नहीं पड़ेगा असर
बता दें कि पुलवामा हमले के बाद से ही भारत ने पाकिस्तान आयातित वस्तुओं पर भारी भरक टैक्स लगा रखा है। इसकी वजह से नाम मात्र के ही सामान पाकिस्तान से आयात किए जा रहे हैं। इसके साथ भारत सरकार ने पाकिस्तान को दिए गए मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा भी वापस ले लिया था। उल्लेखनीय है कि भारत और पाकिस्तान में 139 वस्तुओं के आयात निर्यात का करार था। भारत से पाकिस्तान को सप्लाई होने वाली वस्तुओं में मीट, अदरक, टमाटर, प्याज, आलू, पान सहित रोजमर्रा की कई वस्तुएं शामिल थी। भारतीय व्यापारियों का कहना है कि देशहित में वे कुछ भी करने को तैयार है। वैसे पाकिस्तान से व्यापारिक रिश्ते खत्म होने का उनके कारोबार पर कोई खास असर नहीं होगा। बल्कि पाकिस्तान में महंगाई बढ़ेगी जिसकी वजह से वहां की सरकार के प्रति लोगों में असंतोष फैलेगा ।
