झरोखा न्यू : उत्तर प्रदेश के 2017 में हुए चर्चित उन्नाव दुष्कर्म कांड का आरोपी और भाजपा से निष्कासि विधायक कुलदीप सिंह सेंगर आखिरकार कानून के सिकंजे आ ही गया। भारतीय न्याय व्यवस्था ने यह साबित कर दिया है कि व्यक्ति चाहे कितना ही बाहुबली क्यों न हो कानून के आगे उसे घुटनों पर अना ही पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर शुक्रवार को पॉक्सो समेत विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तए किए हैं। सत्र न्यायाधीश धर्मेद्र शर्मा की अदालत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कुलदीप सिंह सेंगर व उसके सहयोगी शशि सिंह पर आरोप तय किए हैं। अदालत ने सेंगर से पूछा है कि क्या वे अपनी गलती मानते हैं। इसपर कुलदीप सिंह सेंगर ने सभी आरोपों को इंकार करते हुए अदालती कार्रवाई का समाना करने को कहा है।
