दिल्‍ली : देश में लंबे समय से उठ रही धारा 370 और 35ए को खत्‍म करने की मांग आखिर कार 72 साल बाद आज सोमवार को पूरी हो गई। हलाकि एक देश, एक निशान, एक कानून को लागू करने के लिए लंबी राजनीतिक लड़ाई गई। लेकिन इसे 5 अगस्‍त 2019 में दोनों सदनों ने भारी बहुमत से मंजूरी मिलने बाद धारा  370 और 35 ए खत्‍म कर दिया गया। भारत सरकार के इस फैसले कश्‍मीर से कन्‍याकुमारी तक भारत एक है का संदेश तो गया ही साथ लोगों में खुशी लहर भी है। सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले को 'अगस्‍त क्रांति' का नाम भी दे सकते हैं। या यूं कह सकते हैं ' याद
रहेगा यह सावन' ।

धारा 370 व 35ए हटने से यह हुआ लागू
     जम्‍मू-कश्‍मीर अब विशेष राज्‍य नहीं रहा, अन्‍य प्रदेशों की तरह यहां पर भी आरटीआई लागू होगी, कश्‍मीर में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, कल-कारखाने लगेंगे। कश्‍मीर में भी एक देश, एक कानून लागू।  एक देश, एक पहचान और एक निशान होगा। यानी अब 15 अगस्‍त को श्रीनगर के लाल चौक में राष्‍ट्रीय ध्‍वज फराया जाएगा। हर किसी को जम्‍मू-कश्‍मीर में रहने की आजादी, देश का कोई भी नागररिक रह सकेगा। देश के किसी भी राज्‍य का व्‍यक्ति जम्‍मू-कश्‍मीर में संपत्‍त‍ि खरीद सकता है। जम्‍मू-कश्‍मीर की विवाहित महिलाओं को भी सम्‍पत्ति का अधिकार होगा। कश्‍मीर में कोई भी नौकरी कर सकेगा। अब दोहरी नागरिकता नहीं होगी। जम्‍मू-कश्‍मीर के अलग-अलग राज्‍यपाल होंगे। लेहलद्दाख में विधानसभा नहीं होगा। लेहलद्दाख में अब उप राज्‍यपाल बैठेंगे। लद्दाख केंद्रशाशित प्रदेश होगा।