लुधियाना : इनदिनों  बिहार, असम, झारखंड, राजस्‍थान, महाराष्‍ट्र और गुजरात भारी बारिश की वजह से बाढ़ की चपेट में हैं तो उत्‍तर भारत के जम्‍मू-कश्‍मीर सहित कई जगहों पर बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। इस बीच पंजाब में भी मानसून सक्रिय हो गया है।
  वीरवार को सुबह करीब तीन घंटे तक हुई मूसलधार बारिश से लुधियाना और खन्‍ना में बिकट स्थिति पैदा हो गई। वहीं, वीरवार की देर रात करीब 2:30 शुरू हुई बारिश ने जालंधर, कपूरथला और अमृतसर को तर कर दिया। लुधियान में तीन घंटे की बारिश में करीब 36 एमएम से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई जो अब तक की सबसे अधिक बारिश बताई जा रही है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब 14 साल बाद अगस्‍त में इतनी बारिश दर्ज की गई है। 
  भारी बारिश की वजह से बुड्ढा नाला सहित कई नालों में उफान आ गया। हालत यह हुई लुधियान और खन्‍ना के गली मोहल्‍लों में कमर तक पानी भर गया। लोगों की दुकानों, घरों, बस स्‍टैंड, रेलवे स्‍टेशन सहित अस्‍पाल में भी पानी घुस गया। बारिश के आगे नगर प्रशासन लाचार नजर आया। 
जालंधर, कपूरथला और अमृतसर में बरसा सावन 
 वीरवार की देर रात करीब ढाई बजे शुरू हुई बरसात ने जालंधर, कपूरथला और अमृतसर के लोगों के लिए भी राहत लेकर आई। पिछले दो दिनों पड़ रही उमस भरी गर्मी से लागों ने राहत की सांस ली। हलांकि जालंधर, कपूरथला और अमृतसर में रिमझिम बरसात हुई, जबकि ब्‍यास में हुई भारी बरसात की वजह से नेशनल हाईवे पर कई जगह पानी भर गया, जिस वहज से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यह बरसात शुक्रवार को सुबह तक जारी रही।  मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन तक ऐसे ही बरसात के अनुमान है।